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गुणवान गौरी..

                
                                                         
                            कैसे गाऊं कैसे सुनाऊं, तेरी खुबसूरती अनमोल है ।
                                                                 
                            
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है । 

मदकाती तेरी चाल गौरी, यौवन ले हिलोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है । 

मौसम चाहे कितने बदले, सावन तेरे सिर मोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है । 

भौहे उठे तो बादल छाये, झुक जाये तो घन घोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है । 

जुल्फें तेरी मस्त घटा सी, पतझड़ सी ले हिलोर है ।
मीठी तेरी बाणी गौरी, मीठा तेरा बोल है । 
 - मनोहर सिंह जामलिया
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3 वर्ष पहले

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