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रहगुज़र

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रहगुज़र पे खामोशी का जश्न क्यों है
        
                                                    
                            
मैं निकट हूँ तो मंजिल दूर क्यों है
मन में जज़बा तन पर थकन क्यों है
अपनों को अपनों से जलन क्यों है ।

 
एक घंटा पहले
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