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रहगुज़र

                
                                                         
                            रहगुज़र पे खामोशी का जश्न क्यों है
                                                                 
                            
मैं निकट हूँ तो मंजिल दूर क्यों है
मन में जज़बा तन पर थकन क्यों है
अपनों को अपनों से जलन क्यों है ।

 
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34 मिनट पहले

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