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शादी शुदा बेचारा

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शादी शुदा लोगों का नारा,
        
                                                    
                            
एक भी शख्स न हो कंवारा,
बीबी नाम की मर्ज मिले, और
सब बन जाए बेचारा।

घर के भोजन से बेहतर है,
रुखा सुखा चारा।

भाव भंगिमा मुख की ऐसी,
जैस सौ कोड़ों का मारा।

मन है विगलित, हृदय व्यथित है,
व्यर्थ सा लगता जीवन सारा।

सबकी यही कहानी है, पर
कोई ना कहता यारा।
2 वर्ष पहले
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Rabindra Aman

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