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समय की बात

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पग, पग पर, प्रारब्ध, आघात!
        
                                                    
                            
आज जो है, वो कल नही, होगा,

समय, समय की बात!

यौवन भर जो, प्याले छलकाते!
दुष्कर्मों मे, समय बीताते!

क्षीण हुई, जब काया, उनकी!
वही धर्म की ढूंढे, पात!

समय, समय की बात!

दिन फिरते है, सबके जग मे,
कोई न रहता, सदा, नवजात!

समय, काल सबका है, निश्चित,
कुछ भी न होय, बलात!

कुंद है, जिसकी बुद्धि, वो भी,
एक दिन बने, निष्णात!

समय, समय की बात!
10 महीने पहले
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