विज्ञापन

हार जीत

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो कहता कोई, जीत गया,
        
                                                    
                            
तो मान लो उसकी बात!

हारने वाले लोगों की,
होती है, यही औकात!

जीतने वाले दंभ ना भरते,
जीत का दावा कभी न करते,

जो हारा है, वही गाएगा,
लोगों को पकड़, सुनाएगा!

वो बैठ नहीं सकता कभी, शांत चित,
जिसका हो गया हो, कोई अहित!

यही हार, जीत का अंतर है,
जो हारा, भ्रमित, निरंतर है!

- मृदुल मनीष
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rabindra Aman

118 कविताएं

View Profile