वीरों के शहादत को हम भुलाएं कैसे
उनकी यादों को दिल से मिटाएं कैसे
दिल नतमस्तक आज भी हो जाता है
हंसती हुई आंखें भी नम हो जातीं हैं
दिल जानता है कितने मुश्किलों से
वीरों ने तिरंगा लहराने का शुभ अवसर दिया है
अपनी जान को हँसते-हँसते कुर्बान किए हैं
देश के लिए मुस्कुराते हुए सूली चढ़ गए हैं
हमारे वीरों के खून का कतरा-कतरा अलग था देश को स्वतंत्र कराना ही वीरों का मकसद था वीरों ने जान गंवाई तब आजादी हमने पाई
वीरों ने मिट्टी की कीमत चुकाई है पाई-पाई
देश के लिए मर मिटना वीरों को कबूल था
देश के प्रति एक अलग ही मन में जुनून था
मातृभूमि की रक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण था
देश के लिए दिल में प्यार मोहब्बत भरपूर था
तहे दिल से शुक्रिया करता है दिल
धन्य थे हमारे देश के शहीद वीर
शुक्रगुजार है मानव, धरती, गगन
वीरों के शहादत को दिल से नमन
-ममता तिवारी