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सुनहरा गीत गाता चल

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुनहरा एक गीत गाता चल
        
                                                    
                            
क्यों उदास है मुस्काता चल
लोगों के भी हौसले बढ़ाता चल
कुछ ना आता हो तो गुनगुनाता चल
सफर कट जाएगा आसानी से अपने तो अपने गैरों से भी हाथ मिलाता चल
सपना बुनता चल पल-पल आगे बढ़ता चल
गम को अलविदा कह
हंसी का स्वागत कर
संघर्ष सहर्ष स्वीकार कर
निर्भय निर्भीक होकर चल
पग पग राह मत बदल एक ही पथ पर अटल रह
सपना को साकार कर जीवन में प्रकाश भर
सुनहरा गीत गाता चल मुस्काता चल
8 महीने पहले
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