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शायद इसी को:.....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कलम तू रूठती भी है तो
        
                                                    
                            
मैं मना लेती हूं
और तू मान जाती है
अजीब रिश्ता है
हम दोनों का
ना तू रहती मेरे बगैर
ना मैं रहती तुम्हारे बगैर
हम दोनों एक दूजे के दिल
में रहते हैं
एक दूजे बिन तड़पते हैं
शायद इसी को इश्क कहते हैं।।
3 महीने पहले
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Dn Chaubey

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