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प्रकृति भी कुछ कहती है

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फूल पेड़ पौधे बाग,
        
                                                    
                            
लहलहाती फसले,
दिशाएं धरती ये आसमां,
चांद सितारे सब हंस रहे है।
पक्षियों की चहचआहट,
कानों में सुनाई दे रही है।
तालाब सागर नदियां सब
खुशी से झूम उठे है।
प्रकृति मंद मंद मुस्कान,
बिखेर रही है।
उसकी खूबसूरती मन को लुभा रही है
दिल को प्रफुल्लित करती है,
प्रकृति भी कुछ कहती है।
-ममता तिवारी
7 महीने पहले
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