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निकलते हैं

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये आंसू भी बड़े समझदार होते हैं।
        
                                                    
                            
तभी बेशुमार बेपरवाह निकलते हैं।
जब चोट कोई खास अपनों के दिए होते हैं।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
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