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मत बैठ कर आह भर

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बैठो ना कभी हार कर।
        
                                                    
                            
उठ जाओ खुद को संभाल कर।
दर्द मिला,
घबराओ नहीं,अपने हाल पर।
हिम्मत का लेप लगा।
सुकून पाओगे,
खुश हो जाओगे आराम पर।
कौन देता सहारा,
खुद ही लगा खुद को किनारा।
मत बैठ कर आह भर।
सपना तुम्हारा खुद ही परवाह कर।
किसी का साथ मिल जाए,
मत चाह कर।
निकल अकेले नये राह गढ़।
खुद ही ऊंचा अपना सर कर।
सबके जीवन का दुख हर।
चिंता फिक्र में समय ना बर्बाद कर।
एक बार हिम्मत का संचार कर।
अपना जीवन खुशहाल कर।
खुद का सपना साकार कर।
मत बैठ कर आह भर।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
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