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मां की शायरी अदभुत न्यारी

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लोग चांद देखते है लोग तारे देखते हैं
        
                                                    
                            
हम मां के ही रूप न्यारे देखते हैं
लोग सुबह देखते हैं लोग शाम देखते हैं
हम मां के चेहरे दिन-रात देखते हैं
- ममता तिवारी
 
8 महीने पहले
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