लोग चांद देखते है लोग तारे देखते हैं
हम मां के ही रूप न्यारे देखते हैं
लोग सुबह देखते हैं लोग शाम देखते हैं
हम मां के चेहरे दिन-रात देखते हैं
- ममता तिवारी
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