विज्ञापन

कलम तुम धन्य हो:...

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुशबू भरे हाथों में
        
                                                    
                            
कलम तुम जब आती हो
मन मस्तिष्क में अजब सी
चमक दे जाती हो
कलम तुम कमाल हो
हाथों में आकर इठलाती हो
जो हाथ बेजान से रहते
वे भी चलने लग जाते हैं
मन करता है कलम तुम्हारी
जय जयकार मनाऊं मैं
मचलते मन को तृप्त कर जाती हो
कलम तुम धन्य हो
मुस्कान बन होठों पर सज जाती हो
कलम तुम शक्ति हो
हाथों की बल बढाती हो
बेरंग जिंदगी में रंग भरकर
जीवन को खूबसूरत बनाती हो
तस्वीर बदल देती हो
तकदीर भी लिख देती हो
कलम तुम धन्य हो
संपूर्ण जीवन हो...........।
मेरी आत्मा साक्षी है.....।।

-ममता तिवारी
5 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13199 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10960 कविताएं

View Profile

Dr fouzia

6915 कविताएं

View Profile