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कैसे लिखूं मैं:......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कलम तेरी महिमा कैसे लिखूं मैं
        
                                                    
                            
तू तो सब कुछ लिखती है
तेरी शक्ति से अनभिज्ञ नहीं हूं मैं
कलम तेरी महिमा कैसे लिखूं मैं
जीवन के उजाले तुम्हीं से
विद्यालय और कार्यालय तुम्हीं से
तुम्हारी स्याही की खुशबू चारों दिशा में फैली है
कलम तेरी महिमा से ज्ञान का ज्योत जले
शब्दों को सजाती है
ज्ञान और गरिमा बढ़ाती है
एक-एक शब्द जोड़कर कल्पनाओं में चार चांद लगाती है
कलम तू अनुभूतियों को शक्ति देती है
यह बात कैसे भूलूं मैं
कलम तेरी शक्ति से अनभिज्ञ नहीं हूं मैं
कलम तेरी महिमा कैसे लिखूं मैं.......।।

-ममता तिवारी
2 महीने पहले
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