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जब मां हमारी नैन

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रुनझुन रुनझुन पायल बोले
        
                                                    
                            
जब मां हमारी हंसते हुए आएं
नैन कजरारे कमाल कर जाए
जब मां हमारी नैन खोले

कानों में कुंडल हार टिका
अदभुत चैन दिल को जीता
मन को हरने वाली साड़ी
कंगन चूड़ी नथिया बोले

मन की शांति मां जगदंबे
देखे बिना मां को चैन ना पड़े
मन करे दिन भर निहारे
लेकर आई प्यार ढेर सारे

दिल की चेतना जागृत हो जाए
जब मां हमारी मंद मंद मुस्काएं
मन में ये ख्याल आए
मां के आगे नत मस्तक हो जाए

मां से झोली भर भर आशीर्वाद पाएं
जिंदगी भर मां के गुण गाएं
शीश अपना हम नवाएं
जीवन को सफल, कृतार्थ बनाए।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
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