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हौसलों को

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हौसलों को साथ लेकर चलते हैं।
        
                                                    
                            
किसी और चीज की जरूरत नहीं।
काम को किसी वक्त भी अंजाम दे देते है।
देखते कोई मुहूर्त नहीं।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
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