विज्ञापन

ज्ञान का उपहार कहीं से भी....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिक्षितों के पास बैठा करो
        
                                                    
                            
और कुछ नहीं तो,
शिक्षा के महत्व ही समझ जाओगे
ज्ञान का उपहार कहीं से भी ले लो
खुद के साथ-साथ दूसरों के जीवन रौशन कर दोगे
माना आज बुरा लग रहा होगा
कल इसी के लिए,फुर्सत से पछताओगे
दीप जला लो,
दिल में ज्ञान का धारा से अंधेरा मिटाओगे।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rabindra Aman

118 कविताएं

View Profile