विज्ञापन

गर ख्वाब:.....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गर ख्वाब बड़े हैं मेहनत कम कबूल कहां होंगे,
        
                                                    
                            
हाथ पर हाथ धर बैठ जाने से ये पूरे कहां होंगे।
-ममता तिवारी
5 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10960 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13199 कविताएं

View Profile