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बहुत है:.....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सिर्फ फूलों से मुकम्मल ये जहां नहीं
        
                                                    
                            
यहां कांटों का भी किरदार बहुत है..
सिर्फ अपनों से हम पूरे नहीं..........
यहां गैरों का भी एहसान बहुत है..।।

-ममता तिवारी
2 महीने पहले
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