विज्ञापन

बहती हवाएं: कविता

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्वच्छंद बहती हवाएं
        
                                                    
                            
महका देती है फिजाएं
ये फूल,ये कलियां ये बहारे,
ये आसमान के लुभावाने तारे
क्यों ना हम उन पर अपना दिल हारे
ये लगते ही है इतने प्यारे
दूर कर देते उदासी सारे
सुबह-सुबह के खूबसूरत नजारे
निकलते सूर्य भगवान को मन करे प्रेम से निहारे
मन उत्सुक हो जाता कब हो उजाले
चहकती चिड़िया,निकलते फूल
सबकी हंसी, बच्चों के शोर गुल
यही तो है जिंदगी के असली सहारे।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rabindra Aman

122 कविताएं

View Profile