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आईने को खु़द से दूर ग़जल

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आईने को खु़द से दूर भगा रखा है
        
                                                    
                            
जब से किताबों में दिल लगा रखा है
यूं तो सजने संवरने की शौक थी मेरी
इस शौक को भी किताबों में भरमा रखा है
दर्पण से मेरी कई कई दिनों तक मुलाकाते
नहीं होती किताबों ने मुझे अपने जिंदगी का
हिस्सा बना रखा है
यूं तो पढ़ने की शौक थी मेरी अब लिखना
भी इसमें शामिल हो गया है बिना लिखे
चैन आता नही मुझे लेखनी ने खुद का
आदी बना रखा है
यूं तो रातों को चैन से सो जाया करती थी
अब तो रातों को भी जगा रखा है
आईने को खु़द से दूर भगा रखा है
जब से किताबों में दिल लगा रखा है
 
6 महीने पहले
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