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नादानी

mamta singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उदासी लिखने पे एतराज़ करते हैं लोग,
        
                                                    
                            
बे-वज़ह ख़ुद को नाराज़ करते हैं लोग।
आजकल गुनाहों को नादानी बता कर,
ख़ुद ही जुर्म का आगाज़ करते हैं लोग।
एक वर्ष पहले
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