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हंसना अभी बाकी है

Mamta Mannu

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वही मंजिल ,वही रास्ते,
        
                                                    
                            
हम भी वही,पीड़ा लिए वही,
पर बदला जरूर कुछ है,
बदलना अभी भी बहुत कुछ है।

हंसना वहां अभी बाकी ही है,
कल जहां हम रोए थे,
और रोना अभी वहां बाकी है,
जहां हम हरदम हंसते है।

अभी बाते तो पूरी शेष है,
अभी नजरे वहां मिलानी है
जहां जहां झुका मेरा शीश है।

धुंधला सा हुआ जो थोड़ा मंजर है बस
मंजिल की चमक अभी भी वही है।
लिखना शेष ही शेष अभी है
करनी बड़ी भरपाई है।
-ममता मनु
3 महीने पहले
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