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अल्फाज़

Mamta 94

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बड़ी ही सादगी थी उनकी आंखो में
        
                                                    
                            
हर अल्फाजों में उनका ही पैगाम था,
उनकी एक झलक हमारे लिए
इबादत सी बन गई थी
इसलिए हमारी जुबान पर भी
सिर्फ उन्ही का नाम था।

हम एक दीवाने से हैं जो सिर्फ
उनका ही दीदार करना चाहता है,
मगर हम क्या करें
हमारे हर अल्फाजों में
बेदर्द इश्क बाजी मार जाता है।

आपकी तारीफ पर
हम बस दो लफ्जों में चाहेंगे कहना
बस आप हमारे हैं और हमारे ही रहना।
2 वर्ष पहले
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