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अल्फाज़

                
                                                         
                            बड़ी ही सादगी थी उनकी आंखो में
                                                                 
                            
हर अल्फाजों में उनका ही पैगाम था,
उनकी एक झलक हमारे लिए
इबादत सी बन गई थी
इसलिए हमारी जुबान पर भी
सिर्फ उन्ही का नाम था।

हम एक दीवाने से हैं जो सिर्फ
उनका ही दीदार करना चाहता है,
मगर हम क्या करें
हमारे हर अल्फाजों में
बेदर्द इश्क बाजी मार जाता है।

आपकी तारीफ पर
हम बस दो लफ्जों में चाहेंगे कहना
बस आप हमारे हैं और हमारे ही रहना।
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2 वर्ष पहले

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