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"कृष्णा का आवाहन "

Lakshman Jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे कृष्णा तुम
        
                                                    
                            
छुपे हो कहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ?
देखो दास तुम्हारा
तड़पे यहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ,......

तुमने ही तण्डुल चुपके से ,
खाए सुदामा के घर की !
पल में ही तुमने काया पलट ,
दी सुदामा के घर की !!
तुमने ही तण्डुल चुपके से ,
खाए सुदामा के घर की !
पल में ही तुमने काया पलट ,
दी सुदामा के घर की !!

जान गया तुझे
जान गया
सारा जहाँ !
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ?
देखो दास तुम्हारा
तड़पे यहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ,......


तुमने ही अपने चिर बढ़ाये ,
नारी को तुम बचाये !
नारी की गरिमा को तुमने ,
ही हमको पाठ पढ़ाये !!
तुमने ही अपने चिर बढ़ाये ,
नारी को तुम बचाये !
नारी की गरिमा को तुमने ,
ही हमको पाठ पढ़ाये !!

देख लिया
तुझे देख लिया
सारा जहाँ !
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ?
देखो दास तुम्हारा
तड़पे यहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ,......

सारथी बनके तुमने ही युद्ध ,
की नीति बताई !
अपनी कौशलता के बल पर ,
उनको जीत दिलाई !!
सारथी बनके तुमने ही युद्ध ,
की नीति बताई !
अपनी कौशलता के बल पर ,
उनको जीत दिलाई !!

मान गया तुझे
मान गया
सारा जहाँ !
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ?
देखो दास तुम्हारा
तड़पे यहाँ
मेरे कृष्णा तुम
छुपे हो कहाँ ,......


 
एक घंटा पहले
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