विज्ञापन

सुकून की तलाश

Kuldeep yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम तो यूंही उलझे रहे
        
                                                    
                            
सुकून की तलाश में
आज पता चला
कमबख्त सुकून वाली लकीरें
ही ना थी हमारे हाथों में...
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile