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डिजिटल युग

Kuldeep Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब से डिजिटल युग आया,
        
                                                    
                            
सोशल मीडिया पर एक्टिव लोग,
पोस्ट पर दिन भर बधाईयां देते हैं,
दुःख पर ॐ शान्ति लिखते हैं,
यह उनकी आदत में शामिल है,
तभी अन्तर्आत्मा से निकली,
दुआएं बद्दुआएं लगती ही नहीं हैं।
पहले लोग ज्यादती होने पर,
परमात्मा से प्रार्थना करते थे,
आशीर्वाद फलीभूत होते थे,
लोग-बाग भगवान से डरते थे।
अब बहुत कुछ बदल गया है,
इंसान इंसान से डरता है,
रात गई बात गई चरितार्थ है,
रिश्ते फार्मेलिटी से बंधे हैं,
पैसा सब पर हावी है,
दान दया सहयोग कहने को हैं,
संस्कृति संस्कार सम्मान
धीरे- धीरे बदल रहे हैं।
-कुलदीप शुक्ला
3 घंटे पहले
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