मुस्कराते चेहरे के पीछे न जाने कितने और चेहरे छिपे हैं,
इस मुस्कराहट के पीछे न जाने कितने गहरे दर्द छिपे हैं,
जो आँसू आँख से न टपका,
उसने न जाने कितनी हलचल मचाई होगी,
कितने दिनों का चैन और रातों की नींद गंवाई होगी,
लगता है इस मुस्कराते चेहरे ने कोई गहरी चोट खाई होगी,
मैं भी हँसता रहता हूँ सबको हँसाता रहता हूँ,
दुनिया कहती है मैं कितना खुश नसीब हूँ,
वो क्या जाने मैं अन्दर से कितना तन्हा रहता हूँ...
-कुल भूषण