जब भी तन्हा होता हूं ख्याल तुम्हारा ही आता है,
थोड़ा सा खटका हो तो ख्याल तुम्हारा ही आता है,
लगता है तुम आई हो और यहीं कहीं हो,
हर तरफ है महक और ख्याल तुम्हारा ही आता है,
गमों से घिरी जिंदगी में थोड़ा मुस्करा दो तो जी लेंगे,
दूर हंसे कोई तो ख्याल तुम्हारा ही आता है,
सुबह बाबर्ची खाने से बरतनो की आवाज से,
सुबह की चाय के साथ ख्याल तुम्हारा ही आता है,
तेरी जुदाई में होशोहवास का होश नहीं,
कोई लुक्मा हाथ से गिरे तो ख्याल तुम्हारा ही आता है,
बिना खता बताए अचानक तुम चली तो गई,
कोई हादसा सुनूं तो ख्याल तुम्हारा ही आता है,
'भूषण' की जिंदगी में इस कदर समाई हो,
दिल की धड़कन में भी ख्याल तुम्हारा ही आता है.