मैं प्यार से उसको शायरी सुनाता रहा
वो प्यार से किसी को बाहों में सुलाती रही
मोहब्बत में ये अंजाम कोई नया नहीं है
मैं अपनी गीत गाता रहा
वो अपनी प्रीत निभाती रही