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प्रेम या बिछड़न

Keshriraja

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं प्यार से उसको शायरी सुनाता रहा
        
                                                    
                            
वो प्यार से किसी को बाहों में सुलाती रही
मोहब्बत में ये अंजाम कोई नया नहीं है
मैं अपनी गीत गाता रहा
वो अपनी प्रीत निभाती रही
4 घंटे पहले
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