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चाँद की रात

kamal jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सूरज निकलने को है,
        
                                                    
                            
अब रात होने को है।
वह अपनी चादर समेट रहा है,
चाँद कल फिर आएगा।

—कमल किशोर झा 
4 घंटे पहले
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