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चाँद की रात

                
                                                         
                            सूरज निकलने को है,
                                                                 
                            
अब रात होने को है।
वह अपनी चादर समेट रहा है,
चाँद कल फिर आएगा।

—कमल किशोर झा 
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3 घंटे पहले

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