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तू ही मेरा अभिमान है

Jyoti Jaiswar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू ही मेरा अभिमान है
        
                                                    
                            
तू ही मेरी पहचान है
अपनी सांसो से जोड़कर तुने सींचा है मुझको
तू ही तो मेरी जान है
तूझे केवल माँ कहना सही नही होगा
क्युकी तू ही तो मेरी मात्रधार है
तूझे देख मैंने जीना सीखा है
तुझसे ही तो जीवन का संघर्ष सीखा है
तुझमें ही में अपने सपने सँजोती हु
तू ही तो मेरा भगवान है
माँ तू ही मेरा अभिमान है




हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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