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चले आना

Jyoti Giri

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अबकी आये जो याद तो चले आना
        
                                                    
                            
याद आये बीती बात तो चले आना,
नम न करना यूँ अश्कों से पलकों को तुम
जिन पलकों में कभी रहना चाहते थे हम
उनके अश्कों की वजह हमें न बनाना
अबकी आये जो याद तो चले आना....
भीड़ से भरी तन्हाई में तुम हल्के से मुस्कुराना
याद आये बीती बात तो चले आना
तुम मुसाफिर हो माना मगर ग़म नहीं
हम हैं यादों में तेरे यही कम नहीं
हसरतें अब नहीं हक जताने की तुम पर
गिले शिकवों को मेरी भुला जाना
अबकी आये जो याद तो चले आना...
याद आये बीती बात तो चले आना,
देते हैं शुक्रिया महफिलों को तेरी
कहते हैं अलविदा महफिलों को तेरी
लिख के एक-एक ख़ता कागजों पर मेरी
यादों की आँधियों में उड़ा जाना
अबकी आये जो याद तो चले आना
याद आये बीती बात तो चले आना।


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