कभी कभी कुछ ना भी करना , बेकारी नही होती ।
यूं ही बस सब कुछ कह देना ही , दुनियादारी नही होती ।
कभी कभी गलती करना भी ठीक है , ये नादानी होती है , मनमानी नही होती
समझदार बनकर जाना ये , बहुत समझदार बनना भी समझदारी नही होती ।।