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समझदार बनकर जाना ये

                
                                                         
                            कभी कभी कुछ ना भी करना , बेकारी नही होती ।
                                                                 
                            
यूं ही बस सब कुछ कह देना ही , दुनियादारी नही होती ।
कभी कभी गलती करना भी ठीक है , ये नादानी होती है , मनमानी नही होती
समझदार बनकर जाना ये , बहुत समझदार बनना भी समझदारी नही होती ।।
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एक घंटा पहले

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