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रातें और कलानिधि

Ipsita Bhadauria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कोई रोके चाहे , किसी विधि से ,
        
                                                    
                            
रातों का मिलन तय है , कलानिधि से ।।
कलानिधि से चमकती , अंधेरी सी रातें,
जैसे प्रियतम से चहकती , प्रियतम की बातें। ।
2 घंटे पहले
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