कोई रोके चाहे , किसी विधि से ,
रातों का मिलन तय है , कलानिधि से ।।
कलानिधि से चमकती , अंधेरी सी रातें,
जैसे प्रियतम से चहकती , प्रियतम की बातें। ।
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