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मैं हार चुका हूँ

Indarjeet Bairwa

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं हार चुका हूँ,
        
                                                    
                            
खुद को झुका चुका हूँ,
क्या था या और क्या
हो चुका हूँ।
न किसी से नजरें मिला पाता हूँ,
न ही किसी को दिल की बात बता पाता हूँ,
जब भी कोई पूछे
मेरे परिणाम के बारे में,
सिर्फ नजरें झुका लेता हूँ।
मैं हार चुका हूँ।
अपने आप से कई सवाल कर चुका हूँ,
न जाने कितनी गलतियां कर चुका हूँ,
यूं ही चुप न रहता हूँ मैं,
अब मैं थक चुका हूँ,
मैं हार चुका हूँ।
अब तो खुद से नजरें मिलाने में भी झिझकता हूँ,
बस दिन भर झूठी मुस्कान लिए फिरता हूँ,
लोगों में झूठी उम्मीदें जगाकर
उनका दिल दुखाता हूँ,
मैं क्या था और क्या हो चुका हूँ
"मैं हार चुका हूँ।"
3 घंटे पहले
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