विज्ञापन

ज़माने बीत गए

Himani Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक ज़माना बीत गया उससे बात हुए,
        
                                                    
                            
कई ज़माने बीत गए उसका दीदार हुए।

वो पहली मोहब्बत का सिला था,
जो आज भी मेरा दिल उसके लिए फ़ना था।

कसक है दिल में उसकी,
ख़ला भी है उसकी।

फ़िरदौस-ए-मोहब्बत की तपन में दिल ज़ार-ज़ार है,
मुझे आज भी उससे मोहब्बत बेशुमार है।

वो हाथ पकड़कर चलना उसका,
मेरे दिल को बेहद ख़ास है।

लम्हे मेरी मोहब्बत के,
सिर्फ़ उसके राज़दार हैं।

वो लौटकर आए, ऐसी आस है,
के दिल को बस उसका ऐतबार है।

मुझे आज भी उसका इंतज़ार है...
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10926 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

478 कविताएं

View Profile