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यादों के ताजमहल

Hasa Nand

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कई औलिया तो कई पीर हुए हैं
        
                                                    
                            
इश्क में कई रांझे कई हीर हुए हैं,
कई कई ताजमहल बने थे यादों के,
कई मजनू तो कई फकीर हुए हैं। 
-हासानंद कागा
3 वर्ष पहले
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