तुमको मिले जो गम तो हमें कम नहीं मिले
जख्मों को हमारे कभी मरहम नहीं मिले
हमने गुजार दी, हां तन्हा ये जिन्दगी
उनको मलाल है कि उन्हें हम नही मिले
– हरवंश ‘हृदय’