विज्ञापन

नदियां और बहनें

Harvansh Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नदियां और बहनें
        
                                                    
                            
दोनों ही
आती हैं सावन में
और लौट जाती हैं
हमें बताकर
अपनी जद
सीमा रेखाएं
अपना अधिकार क्षेत्र
जिस पर अनहद
कब्जा कर रखा होता है हमने ....
बड़े ही विनम्र भाव से
वो याचना करती हैं
कि संभाल कर रखना
मेरी विरासत
सुरक्षित रखना
मेरी मर्यादाएं
और बांधती हैं
रक्षा सूत्र
इस अनुरोध के साथ
कि मेरे संरक्षण में ही
निहित है
तुम्हारा स्वाभिमान
तुम्हारा वैभव
और
स्वयं तुम्हारी सुरक्षा ....!!
- हरवंश हृदय
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12711 कविताएं

View Profile