नन्ही सी जान, प्यारी सी मुस्कुराहट
गंदे फटे कपड़े, फिर भी नंगा न रहने की चाहत
हर आते-जाते लोगों से, कुछ पाने की चाहत
हथेली भर जाने के बाद, सुकून की मुस्कुराहट
नन्ही सी जान, प्यारी सी मुस्कुराहट !!
लोगों के मुंह मोड़ लेने से, अजीब सी घबराहट
दूर तक पीछे जाने तक, शायद यही है चाहत
दुनिया के शानों-शौकत से, न उसकी कोई चाहत
दोनों पहर पेट भरने की, सिर्फ उसकी एक चाहत
नन्ही सी जान, प्यारी सी मुस्कुराहट !!