विज्ञापन

यादवों की भैंस

Harikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यादव कितने मेहनतकश हैं !
        
                                                    
                            
उनकी मेहनत के आगे बाकी सब बेबस हैं
यादवों ने ज्ञान ,धर्म, ज़ात, तानाशाही की धारा को मोड़ा
हर विचारधारा को आपस में जोड़ा
यादवों ने दूध खाया और खिलाया
अमृत सा पेय पिलाया
दूध से आती ताकत और होती राष्ट्र सुरक्षा
बुद्धि होती बलवती स्वामी विवेकनन्द होता बच्चा बच्चा
साहित्य की सेवा करने की प्रेरणा मिलती हम जैसों को
शत शत नमन है यादवों की भैंसों को

हरिकेश यादव काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

sushil pandey

25 कविताएं

View Profile