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मेरे अल्फाज़

यादवों की भैंस

Harikesh Yadav

38 कविताएं

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यादव कितने मेहनतकश हैं !
उनकी मेहनत के आगे बाकी सब बेबस हैं
यादवों ने ज्ञान ,धर्म, ज़ात, तानाशाही की धारा को मोड़ा
हर विचारधारा को आपस में जोड़ा
यादवों ने दूध खाया और खिलाया
अमृत सा पेय पिलाया
दूध से आती ताकत और होती राष्ट्र सुरक्षा
बुद्धि होती बलवती स्वामी विवेकनन्द होता बच्चा बच्चा
साहित्य की सेवा करने की प्रेरणा मिलती हम जैसों को
शत शत नमन है यादवों की भैंसों को

हरिकेश यादव काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी


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