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क्योंकि वो उस पार रहती है

Harikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे सवालों के अब जवाब नहीं आते
        
                                                    
                            
क्योंकि वो उस पार रहती है
मेरे दिल से अब जज़्बात नहीं निकलते
क्योंकि वो अब वो कुछ नहीं कहती
मेरे गीतों में अब सुर साज नहीं निकलते
क्योंकि वो अब मेरे साथ नहीं रहती
मेरी मजबूरियों को उसने मेरी खता समझ ली
किसी के गुरूर को उसने उसकी वफा समझ ली

हरिकेश यादव
काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी


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6 वर्ष पहले
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